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11 Names Of Surya Dev


11 Names Of Surya Dev






Here is the information about Surya Dev's names, powers, who should chant, benefits, and the best time, as requested in Hindi.

### सूर्य देव के नाम और शक्तियां (Names and Powers)

भगवान सूर्य के अनेक नाम हैं, और प्रत्येक नाम उनकी किसी विशेष शक्ति या स्वरूप को दर्शाता है। यहां कुछ प्रमुख नामों और उनसे जुड़ी शक्तियों का विवरण दिया गया है :

*   **भास्कर (Bhaskar):** प्रकाश करने वाले, ज्ञान और प्रकाश के स्रोत।
*   **रवि (Ravi):** सूर्य, जीवन शक्ति के दाता।
*   **आदित्य (Aditya):** आदि देव, मूल कारण।
*   **मार्तण्ड (Martanda):** अंडे से प्रकट हुए, सृष्टि के कारण।
*   **सविता (Savita):** प्राणियों को प्रेरित करने वाले, सृजन शक्ति।
*   **भानु (Bhanu):** चमकने वाले, तेजस्वी।
*   **दिनकर (Dinkar):** दिन का निर्माण करने वाले।
*   **अर्क (Arka):** ऊर्जा के रूप, भक्तों के कष्ट हरने वाले।
*   **मिहिर (Mihira):** जगत को सींचने वाले (वर्षा के दाता)।
*   **सूर्य (Surya):** परम प्रकाश पुंज, संपूर्ण ब्रह्मांड की आत्मा .

ये नाम केवल पुकारने के माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये सूर्य देव की उन शक्तियों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो ब्रह्मांड के संचालन, जीवनदान, रोग निवारण, और आध्यात्मिक उन्नति के लिए उत्तरदायी हैं .

### किसे करना चाहिए सूर्य देव का जप? (Who Should Chant)

सूर्योपासना लगभग सभी के लिए लाभदायक है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में इसे अत्यंत फलदायी माना गया है:

*   **जिन्हें आत्मविश्वास की कमी हो:** जो लोग जीवन में निर्णय लेने में असमर्थ हैं या जिनमें साहस की कमी है, उन्हें सूर्य उपासना से विशेष लाभ मिलता है .
*   **व्यापार और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए:** जो लोग व्यापार या समाज में सफलता पाना चाहते हैं, उनके लिए सूर्य का आशीर्वाद आवश्यक माना गया है .
*   **नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के लिए:** सूर्य नेतृत्व, प्रताप और अधिकार का कारक ग्रह है। नेता, प्रशासक और राजनीतिज्ञ सूर्य की उपासना से लाभान्वित हो सकते हैं .
*   **रोगों से मुक्ति के लिए:** विशेषकर चर्म रोग, नेत्र रोग और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं में सूर्य उपासना अत्यंत लाभकारी है। पौराणिक कथा के अनुसार, श्रीकृष्ण पुत्र साम्ब ने सूर्य की आराधना से ही कोढ़ (कुष्ठ रोग) से मुक्ति पाई थी .
*   **कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए:** जिन लोगों की जन्म कुंडली में सूर्य निर्बल, पीड़ित या अशुभ स्थान पर हो, उन्हें नियमित रूप से सूर्य मंत्रों का जाप करना चाहिए .

### लाभ (Benefits)

नियमित रूप से सूर्य देव के नामों या मंत्रों का जाप करने से अनेक लाभ होते हैं :

*   **उत्तम स्वास्थ्य:** सूर्य की किरणों में रोगों से लड़ने की अद्भुत क्षमता होती है। उनकी उपासना से शरीर निरोग रहता है और आयु में वृद्धि होती है .
*   **सफलता और यश:** जीवन में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं और व्यक्ति हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है .
*   **आत्मविश्वास और साहस:** सूर्य उपासना से इच्छाशक्ति मजबूत होती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति निडर हो जाता है .
*   **तेज और ओज की प्राप्ति:** व्यक्ति के व्यक्तित्व में एक अलग ही तेज और चुंबकत्व आ जाता है, जिससे वह दूसरों को प्रभावित करने में सक्षम होता है .
*   **आध्यात्मिक उन्नति:** मन की शांति मिलती है और आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने में सहायता मिलती है .

### जाप का समय (Best Time to Chant)

सूर्य देव की उपासना के लिए सबसे उत्तम समय **सूर्योदय के समय** (सुबह ब्रह्म मुहूर्त में) है। इस समय सूर्य की ऊर्जा सबसे अधिक सकारात्मक और शक्तिशाली होती है .

*   **विधि:** प्रातःकाल स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूर्व दिशा की ओर मुख करके किसी तांबे के बर्तन में जल भरकर उसमें रोली, चावल या फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें . अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्रों का जाप करें।

### सूर्य देव के 20 प्रमुख नाम (20 Important Names of Surya Dev)

एक प्राचीन कथा के अनुसार, जब सूर्य देव ने श्रीकृष्ण पुत्र साम्ब को कुष्ठ रोग से मुक्त किया था, तब उन्होंने बताया कि केवल 20 नामों का सच्चे मन से जाप करने से ही मनुष्य के सभी कष्ट दूर हो सकते हैं। वे 20 नाम इस प्रकार हैं :

1.  **विकर्तन (Vikartan):** कष्टों और कठिनाइयों का नाश करने वाला
2.  **विवस्वान (Vivasvan):** प्रकाश स्वरूप
3.  **मार्तण्ड (Martanda)**
4.  **भास्कर (Bhaskar)**
5.  **रवि (Ravi)**
6.  **लोकप्रकाशक (Lokaprakashak)**
7.  **श्रीमान (Shriman)**
8.  **लोक चक्षु (Loka Chakshu):** विश्व का नेत्र
9.  **ग्रहेश्वर (Graheswara):** ग्रहों के स्वामी
10. **लोक साक्षी (Loka Saakshi):** जगत के साक्षी
11. **त्रिलोकेश (Trilokesh):** तीनों लोकों के स्वामी
12. **कर्ता (Karta):** सृष्टि का निर्माण करने वाले
13. **हर्ता (Harta):** सृष्टि का संहार करने वाले
14. **तमिस्त्र (Tamistra):** अंधकार का नाश करने वाला
15. **तपन (Tapan):** ताप देने वाले (तपस्या के लिए प्रेरित)
16. **तापन (Taapana)**
17. **शुचि (Shuchi):** पवित्रता स्वरूप
18. **सप्ताश्ववाहन (Saptaasyavaahana):** सात घोड़ों वाले रथ के सवार
19. **गभस्तिहस्त (Gabhasthihasta):** हाथों में किरणें धारण करने वाले
20. **सर्वदेव नमस्कृत (Sarva Deva Namaskruta):** सभी देवताओं द्वारा प्रणाम किये गए

### निष्कर्ष

सूर्य देव एकमात्र ऐसे देवता हैं जो प्रतिदिन प्रत्यक्ष दिखाई देते हैं, इसलिए उन्हें **प्रत्यक्ष दैवत** भी कहा जाता है . उनकी उपासना सरल है और नियमित रूप से की जाए तो यह जीवन में अद्भुत सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। उनके नामों का स्मरण, मंत्रों का जाप और अर्घ्य देना हमें शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है।




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