ओम नमः शिवायः संभववे नमः
ॐ नमः शिवायः संभववे नमः - इस मंत्र का अर्थ, शक्ति और जाप का समय (हिंदी में)
यह मंत्र भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और दुर्लभ संयोजन है। यह दो प्रसिद्ध मंत्रों का मिलन है: **"ॐ नमः शिवाय"** और **"शिवाय संभवाय नमः"**। आइए इसे विस्तार से समझते हैं:
### 1. मंत्र के शब्दों का अर्थ
* **ॐ (ओम):** यह ब्रह्मांड की मूल ध्वनि है, परब्रह्म का प्रतीक है। यह सृष्टि के आरंभ की नाद है।
* **नमः (नमः):** इसका अर्थ है झुकना, समर्पण करना, आदरपूर्वक प्रणाम करना। इसका भाव यह है कि "मैं आपके प्रति समर्पित हूं" या "मैं आपको प्रणाम करता हूं।"
* **शिवाय (शिवाय):** इसका अर्थ है "शिव को" या "शिव के लिए"। शिव का अर्थ है कल्याण, मंगल, चेतना, जो परम शुद्ध और निर्गुण-निराकार है।
* **संभववे (संभवाय):** यह शब्द "संभू" से बना है, जिसका अर्थ है "जो स्वयंभू हों" (जो स्वयं से प्रकट हुए हों), जो सुख और समृद्धि प्रदान करने वाले हों। यह शिव के सगुण-साकार, उदार और आनंदमय स्वरूप को दर्शाता है।
**संपूर्ण मंत्र का भावार्थ:**
"परब्रह्म स्वरूप ॐ के माध्यम से, मैं उस कल्याणकारी, चेतन स्वरूप शिव को समर्पित हूं, जो स्वयंभू हैं, जो सृष्टि के उद्गम हैं और जो सबको सुख एवं समृद्धि प्रदान करते हैं।"
सीधे शब्दों में: "ॐ, मैं भगवान शिव को नमन करता हूं, जो सभी मंगलों के स्रोत (संभव) हैं।"
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### 2. मंत्र की शक्तियाँ और लाभ
यह मंत्र सिर्फ शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा का एक कंपन (वाइब्रेशन) है। इसके नियमित जाप से अनेक लाभ होते हैं:
1. **त्रिदोष निवारण:** यह मंत्र शरीर के तीनों दोषों (वात, पित्त, कफ) को संतुलित करता है, जिससे शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
2. **मानसिक शांति:** यह मन को शांति प्रदान करता है, चंचलता को दूर करता है और एकाग्रता बढ़ाता है।
3. **आध्यात्मिक उन्नति:** यह साधक को आध्यात्मिक पथ पर आगे बढ़ाता है, आत्मचिंतन और आत्मज्ञान में सहायक होता है।
4. **भय और कष्टों से मुक्ति:** भगवान शिव को "भोलेनाथ" और "भूतनाथ" कहा जाता है। इस मंत्र के जाप से भय, क्रोध, लोभ और मोह जैसी नकारात्मक भावनाएं दूर होती हैं।
5. **सकारात्मक ऊर्जा का संचार:** यह मंत्र वातावरण और साधक के आस-पास सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
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### 3. मंत्र का जाप किसे करना चाहिए (Who should chant)
* यह मंत्र किसी भी जाति, लिंग या आयु के व्यक्ति के लिए खुला है। इसे कोई भी श्रद्धा और विश्वास के साथ जप सकता है।
* विशेष रूप से वे लोग जो मानसिक अशांति, भय या किसी प्रकार के संकट से गुजर रहे हैं, उनके लिए यह मंत्र बहुत लाभकारी है।
* जो लोग आध्यात्मिक मार्ग पर चलना चाहते हैं और आत्म-साक्षात्कार की इच्छा रखते हैं, उनके लिए यह मंत्र एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
* शिव भक्तों के लिए यह मंत्र अमृत के समान है।
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### 4. मंत्र जाप का समय और विधि (Time and Method)
* **सर्वोत्तम समय:** ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पहले) का समय सबसे उत्तम माना जाता है। यह समय मन और वातावरण दोनों की शुद्धि के लिए सबसे अच्छा होता है।
* **अन्य समय:** सूर्यास्त के समय (संध्या काल) भी इस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
* **विशेष दिन:** सोमवार, प्रदोष काल, शिवरात्रि और सावन के महीने में इस मंत्र के जाप का विशेष महत्व है।
* **विधि:**
1. किसी स्वच्छ स्थान पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
2. एक आसन (चटाई या कपड़ा) का प्रयोग करें।
3. भगवान शिव की तस्वीर या शिवलिंग के सामने बैठना अधिक लाभकारी होता है। आप जल, बेलपत्र, धूप आदि अर्पित कर सकते हैं।
4. मन को शांत करें और गहरी सांस लें।
5. मंत्र का उच्चारण स्पष्ट और स्थिर गति से करें। आप माला (रुद्राक्ष की माला 108 मनकों वाली) का भी प्रयोग कर सकते हैं।
6. शुरुआत में कम से कम 1 माला (108 बार) जाप करने का प्रयास करें और धीरे-धीरे इसे बढ़ा सकते हैं।
**नोट:** मंत्र जाप करते समय सबसे महत्वपूर्ण है आपकी श्रद्धा, विश्वास और मंत्र के अर्थ को महसूस करना। यांत्रिक उच्चारण की अपेक्षा भावपूर्ण उच्चारण अधिक शक्तिशाली होता है।
ॐ नमः शिवायः संभववे नमः
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I am always there with you hari om