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ॐ नमः शिवाय ।****ॐ अरुणाचले शिवाय ।**

 

ॐ नमः शिवाय ।****ॐ अरुणाचले शिवाय ।**
















यहाँ **"ॐ नमः शिवाय ॐ अरुणाचले शिवाय"** मंत्र का संपूर्ण स्वरूप देवनागरी लिपि (हिंदी) में प्रस्तुत है:


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### ॐ नमः शिवाय ॐ अरुणाचले शिवाय


**ॐ नमः शिवाय ।**

**ॐ अरुणाचले शिवाय ।**


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### मंत्र का विस्तृत अर्थ


| भाग | अर्थ |

|------|------|

| **ॐ** | परम ब्रह्म, ब्रह्मांड की मूल ध्वनि, सृष्टि का आधार |

| **नमः** | प्रणाम, समर्पण, शरणागति |

| **शिवाय** | शिव को, कल्याणकारी परमात्मा को |

| **अरुणाचले** | अरुणाचल पर्वत (दक्षिण भारत में स्थित पवित्र पर्वत, जो स्वयं शिव स्वरूप माना जाता है) |


**पूरे मंत्र का अर्थ:**

"ॐ, मैं भगवान शिव को प्रणाम करता हूं। ॐ, अरुणाचल पर्वत स्वरूप भगवान शिव को प्रणाम करता हूं।"


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### मंत्र की विशेषता


यह मंत्र दो महत्वपूर्ण मंत्रों का संयोजन है:


1.  **ॐ नमः शिवाय** - यह शैव मत का **मूल मंत्र** (पंचाक्षरी मंत्र) है, जो पांच अक्षरों 'न-म-शि-वा-य' से बना है। यह भगवान शिव का सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली मंत्र है।


2.  **ॐ अरुणाचले शिवाय** - यह **अरुणाचल पर्वत** (तिरुवन्नामलई, तमिलनाडु) को संबोधित मंत्र है। अरुणाचल पर्वत को स्वयं भगवान शिव का **ज्योतिर्मय स्वरूप** माना जाता है। महर्षि रमण महर्षि ने इस पर्वत की महिमा का गुणगान किया है।


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### अरुणाचल का महत्व


- अरुणाचल पर्वत को **पृथ्वी का हृदय** कहा जाता है।

- यह मान्यता है कि अरुणाचल को देखना, स्पर्श करना, स्मरण करना या इसका नाम लेना ही मोक्ष प्रदान करने वाला है।

- यह स्थान **अग्नि तत्व** का प्रतीक है और आत्मसाक्षात्कार के लिए अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है।

- कार्तिक दीपम के अवसर पर यहां विशाल ज्योति जलाई जाती है, जो शिव के ज्योतिर्मय स्वरूप का प्रतीक है।


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### इस मंत्र की शक्तियां और लाभ


1.  **आत्मसाक्षात्कार:** यह मंत्र आत्मज्ञान और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।


2.  **मन की शांति:** नियमित जाप से मन की चंचलता समाप्त होती है और गहरी शांति का अनुभव होता है।


3.  **कर्मों का नाश:** यह मंत्र संचित कर्मों (प्रारब्ध और संचित कर्म) को नष्ट करने में सहायक है।


4.  **आध्यात्मिक ऊर्जा:** साधक के भीतर आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है और चक्र जागृत होते हैं।


5.  **मोक्ष प्राप्ति:** अरुणाचल से जुड़ा यह मंत्र जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।


6.  **सभी पापों का नाश:** इस मंत्र के जाप से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं।


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### किसे करना चाहिए


- **आध्यात्मिक साधक:** जो आत्मज्ञान और मोक्ष की खोज में हैं।

- **ध्यान साधक:** जो ध्यान में गहराई चाहते हैं।

- **भगवान शिव के भक्त:** सभी शिव भक्त इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।

- **मानसिक अशांति से ग्रसित व्यक्ति:** जिन्हें मन की शांति नहीं मिलती।

- **जीवन में दिशा खोजने वाले:** जो जीवन के उद्देश्य को समझना चाहते हैं।


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### जाप का समय और दिन


| विवरण | जानकारी |

|--------|----------|

| **सर्वोत्तम समय** | **ब्रह्म मुहूर्त** (प्रातः 4-6 बजे) |

| **अन्य समय** | प्रातःकाल, संध्याकाल, रात्रि में सोने से पूर्व |

| **विशेष दिन** | **सोमवार** (शिव का दिन), प्रदोष काल, महाशिवरात्रि |

| **विशेष तिथियां** | श्रावण मास (सावन का महीना), कार्तिक मास |


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### जाप की विधि


1.  **माला:** रुद्राक्ष की माला से जाप करें (108 बार)।


2.  **आसन:** रुद्राक्ष की माला बिछाकर या कुशा के आसन पर बैठें।


3.  **दिशा:** उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करें।


4.  **शुद्धता:** स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।


5.  **ध्यान:** शिवलिंग, भगवान शिव की मूर्ति या अरुणाचल पर्वत का ध्यान करें।


6.  **अर्घ्य:** जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि अर्पित करें।


7.  **नियमितता:** प्रतिदिन कम से कम 1 माला जाप का संकल्प लें।


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### विशेष टिप्स


- यदि अरुणाचल पर्वत के दर्शन संभव न हों तो अपने मन में अरुणाचल का ध्यान करें।

- इस मंत्र का जाप **तीनों समय** (प्रातः, मध्याह्न, सायं) करना अत्यंत फलदायी है।

- महर्षि रमण महर्षि ने कहा है कि अरुणाचल का नाम स्मरण ही मोक्ष प्रदान करने के लिए पर्याप्त है।

- सोमवार और प्रदोष काल में इस मंत्र का विशेष महत्व है।


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### सारांश


**ॐ नमः शिवाय ॐ अरुणाचले शिवाय** मंत्र शिव भक्ति और अरुणाचल की दिव्य ऊर्जा का अद्भुत संगम है। यह न केवल सांसारिक सुख-समृद्धि देता है, बल्कि अंततः मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त करता है। नियमित जाप से साधक शिव तत्व में लीन हो जाता है और जीवनमुक्त अवस्था को प्राप्त करता है।

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